Jul 22, 2026

NEET विवाद का विरोध उत्तराखण्ड में फैला, देहरादून से लोहाघाट और रुद्रपुर तक प्रदर्शन

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देहरादून/लोहाघाट/रुद्रपुर। NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज को लेकर उत्तराखंड में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। राजधानी देहरादून से लेकर चंपावत के लोहाघाट और ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर तक कांग्रेस, एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस समेत छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। राजधानी देहरादून में NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने पहले से की गई बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कुछ देर तक धक्का-मुक्की देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि NEET परीक्षा से जुड़े कथित विवाद और अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों की चिंताओं का समाधान करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं, भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

लोहाघाट में छात्र-छात्राओं में दिखा आक्रोश
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज के विरोध में चंपावत जिले के लोहाघाट में भी छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। स्टेशन बाजार स्थित वीर कालू सिंह चौराहे पर एकत्र हुए छात्र-छात्राओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रोडवेज बस स्टेशन परिसर में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं की मेहनत प्रभावित हो रही है। उनका आरोप था कि परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के कारण युवाओं में निराशा बढ़ रही है। छात्र-छात्राओं ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। इस प्रदर्शन को एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस ने भी समर्थन दिया। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सक्षम अधिकारी ने आरोप लगाया कि निहत्थे छात्रों पर कथित रूप से बल प्रयोग किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस और उसके छात्र संगठन आगे भी आवाज उठाते रहेंगे। एनएसयूआई नेताओं ने भी केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

रुद्रपुर में कांग्रेस ने फूंका केंद्र सरकार का पुतला
ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में भी दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी के नेतृत्व में कार्यकर्ता ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के शिवनगर स्थित चामुंडा मंदिर के पास एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज को सुनने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने NEET विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं के साथ भी उचित व्यवहार नहीं किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल NEET परीक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तराखंड में भी सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस और छात्र संगठन सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि भाजपा विपक्ष पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा रही है।