उत्तराखंड में आज का दिन हादसों के नाम रहा। देवभूमि के दो अलग-अलग जिलों में हुए भीषण सड़क हादसों ने चारधाम यात्रा और पर्यटन पर आए यात्रियों को झकझोर कर रख दिया। पहला बड़ा हादसा टिहरी गढ़वाल के ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-34) पर हुआ, जहां केदारनाथ धाम जा रही श्रद्धालुओं से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। वहीं, दूसरा दर्दनाक हादसा हरिद्वार में सामने आया, जहां एक डंपर ने यात्रियों से भरी बस को टक्कर मार दी। इन दोनों हादसों में कुल मिलाकर एक महिला की मौत हो गई है, जबकि 36 लोग घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, हरियाणा नंबर (HR73 B 6666) की एक बस चारधाम यात्रियों को लेकर गंगोत्री धाम से बाबा केदार के दर्शन के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर चंबा मार्ग स्थित कंडीखाल और चंबा के बीच 'खेतधार मोड़' (जौलांगी के पास) पहुंची, अचानक चालक गाड़ी पर से नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अनियंत्रित बस ने पहले सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी और फिर सड़क पर ही पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही नई टिहरी कंडीखाल पुलिस चौकी इंचार्ज राजेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य की कमान: पुलिस और स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। बस की खिड़कियां और शीशे तोड़कर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने से एक बेहद बड़ा हादसा होने से टल गया। इस बस में कुल 22 लोग सवार थे, जिनमें 18 यात्री, 2 कुक (रसोइया), 1 चालक और 1 परिचालक (कंडक्टर) शामिल थे। हादसे में 5 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर राजस्व विभाग की टीम भी पहुंच चुकी है और प्रशासन दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने में जुट गया है। उत्तराखंड में आज हादसे का दूसरा खौफनाक मंजर हरिद्वार में देखने को मिला। यहां गंगा स्नान करने के बाद राजस्थान लौट रहे श्रद्धालुओं की बस को एक तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि 45 यात्रियों से भरी बस सड़क पर ही पलट गई। इस हादसे में बस में सवार एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 31 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से निकाला और अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि सभी यात्री राजस्थान के रहने वाले थे और हरिद्वार में पवित्र स्नान कर अपने घर वापस जा रहे थे। उत्तराखंड में एक ही दिन में हुए इन दो बड़े हादसों ने पहाड़ी और मैदानी मार्गों पर वाहनों की गति और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टिहरी और हरिद्वार दोनों ही जगहों पर पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि टिहरी हादसे की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या मानवीय भूल की वजह से। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी हादसों का संज्ञान लेते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।