अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर हुई छापेमारी से जुड़े नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपी के कमरे से एक संदूक बरामद किया है, जिस पर लाल रंग से ‘राम राज्य कोष’ लिखा हुआ था। इतना ही नहीं, संदूक पर एक पेटीएम क्यूआर कोड भी लगा मिला, जिसे लेकर जांच एजेंसियां इसकी भूमिका और उपयोग की पड़ताल कर रही हैं। इस छापेमारी का वीडियो भी अब सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है। जानकारी के अनुसार आरोपी अविनाश शुक्ला अयोध्या के कौशलपुरी क्षेत्र स्थित एक योग सेंटर में अपने भाई अभिषेक शुक्ला के साथ रह रहा था। पुलिस ने रविवार को यहां छापेमारी की, जहां से एक बड़ा बक्सा बरामद किया गया। बक्से के भीतर एक काले रंग का बैग और ‘राम राज्य कोष’ लिखा छोटा संदूक मिला। पुलिस ने इन सभी सामानों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। योग सेंटर में रहने वाली प्रशिक्षिका सीमा तिवारी ने बताया कि अविनाश को उसका भाई अभिषेक यहां लेकर आया था। अभिषेक पिछले करीब डेढ़ साल से सेंटर में रह रहा था, जबकि अविनाश कुछ समय पहले यहां आया था। उनके अनुसार यहां आने के कुछ ही दिनों बाद अविनाश की नौकरी राम मंदिर में लग गई थी। सीमा तिवारी ने बताया कि 5 जून को पुलिस पहली बार पूछताछ के लिए सेंटर पहुंची थी।
इसके बाद संस्थान की छवि प्रभावित होने की आशंका के चलते अविनाश को वहां से जाने के लिए कह दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि अभिषेक पिछले लगभग दस वर्षों से इस परिसर में रह रहा है और बीते चार से पांच वर्षों से एक निजी स्कूल में कार्यरत है। दूसरी ओर मामले की विवेचना के तहत पुलिस ने आरोपियों के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जिला कारागार में बंद अविनाश शुक्ला का बयान न्यायालय की अनुमति के बाद जेल में ही दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार 28 जून को आरोपी के आवास पर हुई सर्च एंड सीजर कार्रवाई के दौरान बैंक पासबुक सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए थे। इन दस्तावेजों की सत्यता और उनसे जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए आरोपी से पूछताछ आवश्यक थी। विवेचक की ओर से विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसमें आरोपी का जेल में बयान दर्ज करने की अनुमति मांगी गई। अदालत ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए अनुमति प्रदान कर दी, जिसके बाद अविनाश शुक्ला से जेल में पूछताछ की गई। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और संदूक पर लगे क्यूआर कोड की भी गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित चोरी के धन का कहीं अन्य माध्यमों से उपयोग या लेन-देन तो नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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