Jun 29, 2026

उत्तराखंड के हर छिपे पर्यटन स्थल का विकास होगा, स्थानीय समृद्धि हमारी प्राथमिकता है: सीएम धामी

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खटीमा। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा को जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के भव्य पर्यटक स्थल के रूप में नई पहचान मिलने जा रही है। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद ऊधमसिंह नगर के खटीमा क्षेत्र में स्थित और तेजी से उभरते हुए पर्यटक स्थल 'लोहियाहेड वाटर बाईपास' का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल क्षेत्र की अद्भूत प्राकृतिक सुंदरता को निहारा, बल्कि वहां पर्यटन की तमाम आधुनिक संभावनाओं का बारीकी से अवलोकन भी किया। सीएम ने मौके पर मौजूद उच्चाधिकारियों से इस पूरे स्थल के नियोजित विकास और भविष्य की रूपरेखा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्थल निरीक्षण के उपरांत मीडिया और स्थानीय जनता से बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोहियाहेड वाटर बाईपास क्षेत्र में पर्यटन की अपार और अभूतपूर्व संभावनाएं छिपी हुई हैं। उन्होंने कहा, "इस क्षेत्र के पास जो प्राकृतिक संसाधन और स्थानीय विशेषताएं हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार इसे एक बेहद आकर्षक और सुविधायुक्त पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उत्तराखंड में 'होमस्टे' और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से लगातार जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है। लोहियाहेड को भी इसी कड़ी का एक मुख्य हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को यहां की वादियों और पानी के बाईपास का एक नया अनुभव मिल सके।

मुख्यमंत्री ने विकास के रोडमैप का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना 'शारदा कॉरिडोर' एवं 'शारदा रिवर फ्रंट' के अंतर्गत भी इस क्षेत्र के समग्र (ऑल-राउंड) विकास की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल नदियों का स्वरूप निखरेगा, बल्कि पर्यटकों के बैठने, घूमने और वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों के लिए भी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इससे क्षेत्र में सैलानियों की आवाजाही कई गुना बढ़ जाएगी, जिसका सीधा और सकारात्मक असर स्थानीय स्तर पर होने वाली आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री धामी ने इस विकास योजना को सीधे जनता की आर्थिकी से जोड़ते हुए कहा कि लोहियाहेड वाटर बाईपास के एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से सबसे बड़ा लाभ यहां के स्थानीय युवाओं को मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही स्थानीय छोटे-बड़े व्यवसायों, होटल-रेस्टोरेंट, गाइड और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रहे लोगों की आय में भारी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य प्रयास यही है कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र की छिपी हुई पर्यटन क्षमता (टूरिज्म पोटेंशियल) का पूरा उपयोग किया जाए, ताकि पहाड़ों और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को इसका सीधा आर्थिक लाभ मिल सके। दौरे के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी (डीएम) और पर्यटन व लोनिवि सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को लोहियाहेड वाटर बाईपास के त्वरित विकास के लिए आवश्यक कागजी और जमीनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में निर्माण की गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण (इको-सिस्टम) और स्थानीय जनता की बुनियादी आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। बुनियादी ढांचे को इस तरह तैयार किया जाए कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। इस दौरे के बाद खटीमा के लोगों में विकास को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।