Jun 27, 2026

मोहन यादव परिवार और सहयोगियों से जुड़े कथित भूमि घोटाले का कांग्रेस ने लगाया आरोप

post-img

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की सियासत इन दिनों कथित जमीन खरीद को लेकर गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उनके परिवार और रिश्तेदारों से जुड़े कथित भूमि सौदों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि जिन इलाकों में बाद में सड़क, हाईवे, कॉरिडोर, सिंहस्थ कुंभ और अन्य विकास परियोजनाओं की योजनाएं बनीं, उन क्षेत्रों के आसपास मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी गई। कांग्रेस पार्टी ने पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच, श्वेतपत्र जारी करने और सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक दुष्प्रचार बताते हुए खारिज कर दिया है। इसी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान और उस पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है। 

कांग्रेस का बड़ा आरोप, मुख्यमंत्री और परिवार पर उठाए सवाल
दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने उज्जैन क्षेत्र में लगभग 168 एकड़ जमीन खरीदी, जिनमें से करीब 111 एकड़ भूमि उस इलाके में है जहां वर्ष 2035 के सिंहस्थ कुंभ और अन्य विकास योजनाओं का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यदि विकास योजनाओं की जानकारी पहले से उपलब्ध थी और उसके बाद जमीन खरीदी गई, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल जमीन खरीद तक सीमित नहीं है बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सरकारी पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है। पार्टी ने मांग की कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार द्वारा वर्ष 2023 के बाद खरीदी गई सभी जमीनों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा सरकार श्वेतपत्र जारी कर बताए कि किस तिथि पर कौन-सी जमीन खरीदी गई और संबंधित विकास परियोजनाओं की घोषणा कब हुई।

प्रधानमंत्री से मांगा जवाब
पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मुख्यमंत्री पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हैं तो केंद्र सरकार को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस ने आदर्श हाउसिंग सोसाइटी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले भी ऐसे मामलों में राजनीतिक जवाबदेही तय हुई है, इसलिए मध्य प्रदेश के मामले में भी समान मानदंड अपनाए जाने चाहिए।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें और पांच बड़े सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से कई सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी गई, क्या खरीदी गई जमीन उन्हीं क्षेत्रों में है जहां बाद में विकास परियोजनाएं प्रस्तावित हुईं, क्या सरकार संबंधित मास्टर प्लान की पूरी टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी और क्या सरकार स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने को तैयार है। उन्होंने यह भी पूछा कि विकास परियोजनाओं से किन कंपनियों या व्यक्तियों को प्रत्यक्ष लाभ मिला और क्या संबंधित क्षेत्रों के किसानों को पहले से योजनाओं की जानकारी थी।

भाजपा का पलटवार, आरोपों को बताया राजनीतिक दुष्प्रचार
भाजपा ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस बिना किसी ठोस प्रमाण के केवल राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री या उनके परिवार द्वारा किसी भी प्रकार का अवैध कार्य नहीं किया गया है और यदि किसी के पास तथ्यात्मक प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।

अखिलेश यादव ने किया मोहन यादव का बचाव
इसी बीच इस विवाद में नया राजनीतिक मोड़ तब आया जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह पूरा विवाद भाजपा की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा हो सकता है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि यदि इसी आधार पर आरोप लगाए जाएं तो अन्य राज्यों के कई नेताओं पर भी ऐसे सवाल उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मोहन यादव पहले से रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े रहे हैं और भाजपा को इस बात की जानकारी पहले से थी। उनके अनुसार यह पूरा मामला कुछ मुख्यमंत्रियों को बदलने की संभावित रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।

ओवैसी का अखिलेश पर तीखा हमला
अखिलेश यादव के इस बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अखिलेश यादव भाजपा के एक मुख्यमंत्री के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों से जुड़े कई मामलों पर वे उतनी मुखरता नहीं दिखाते। ओवैसी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का समाजवाद केवल एक विशेष वर्ग तक सीमित होकर रह गया है। इस बयान के बाद यह विवाद केवल मध्य प्रदेश तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।

500 करोड़ की भूमि आवंटन को लेकर उठाए सवाल
दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री और उनसे जुड़े लोगों पर जमीन खरीद को लेकर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस का दावा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव, उनके परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में करीब 168 एकड़ जमीन खरीदी। साथ ही आरोप लगाया गया कि लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन केवल एक रुपये में मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार से जुड़े ट्रस्ट को आवंटित की गई। कांग्रेस का कहना है कि यह मामला केवल जमीन खरीद तक सीमित नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार जातीय मुद्दों के जरिए इस विवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है और आने वाले समय में इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने लाए जाएंगे। हालांकि, इन आरोपों का सरकार और भाजपा ने खंडन किया है और इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

भूमि सौदों के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग
फिलहाल इस पूरे मामले में कांग्रेस लगातार न्यायिक जांच, श्वेतपत्र और सभी भूमि सौदों के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग कर रही है, जबकि भाजपा सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश और दुष्प्रचार बता रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी सत्यता का अंतिम निर्धारण किसी आधिकारिक जांच, उपलब्ध दस्तावेजों तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगा। आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रमुख बहस का विषय बना रह सकता है।