नई दिल्ली। एलपीजी संकट के बीच भारत के लिए एक राहत की खबर सामने आई है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे दो जहाजों को जाने की अनुमति दे दी है। भारत के दोनों जहाजों ने आज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर लिया है। भारत की तरफ से आज जानकारी देते हुए रणधीर जायसवाल ने बताया कि आज सुबह भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी ले जाने वाले जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर गए हैं। दोनों जहाज शिवालिक और नंदादेवी ने आज सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार किया और भारत की ओर पहुंच रहे हैं, दोनों जहाज 16 मार्च और 17 मार्च को भारत पहुंचेंगे। रणधीर जायसवाल ने बताया हमने कल 30 मर्चेंट नेवी अधिकारी लाए थे, कुल संख्या 3000 नाविक हैं। एलपीजी वाहक जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग का आदेश है। पिछले तीन दिनों में हमें 6 वाहक जहाज प्राप्त हुए हैं। भारतीय नौसेना के वॉर शिप इस समय गल्फ ऑफ़ ओमान में है जहां पर वो मर्चेंट शिप को अब से कुछ देर बाद एस्कॉर्ट करेंगे। फ़ारस की खाड़ी में 24 भारतीय जहाज फंसे हैं। आज सुबह दो भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गए। प्रत्येक जहाज 46000 मीट्रिक टन ले जा सकता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) सुजाता शर्मा ने कहा कि कच्चे तेल और रिफाइनरियों के संबंध में, हमारे पास कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति है और हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। खुदरा दुकानों पर स्टॉक की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। हम अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए घरेलू स्तर पर पर्याप्त पेट्रोल और डीजल का उत्पादन करते हैं इसलिए हमें आयात की कोई आवश्यकता नहीं है।
Trending
हाथीबड़कला में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन: सरकार को मांगों पर विचार करने का दिया अल्टीमेटम
नवरात्रि से पहले कुट्टू के आटे को लेकर एडवाइजरी जारी, सील बंद पैकेट, एक्सपायरी लिखना जरूरी
सहकारिता विभाग के लिए 132 करोड़ का प्रावधान, ग्रामीण ऋण योजनाओं और समितियों को मिलेगा लाभ
एलपीजी जहाजों के करीब आने से भारत को ऊर्जा स्थिरता
विधायकों का घेराव और सरकार के खिलाफ नारेबाजी, गैरसैंण मुद्दे पर उक्रांद का संघर्ष हुआ और भी तेज
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अघोषित बिजली कटौती, यूपीसीएल ने रामगंगा परियोजना को बताया कारण
उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षण से वैश्विक सुरक्षा चिंता
विपक्ष ने सदन में उठाई सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग, सरकार ने चर्चा के लिए खोला द्वार