देहरादून। प्रतिकूल मौसम और धूरा हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर न उतर पाने की चुनौती भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कदमों को नहीं रोक सकी। धूरा में लैंडिंग असफल होने पर मुख्यमंत्री टनकपुर स्टेडियम हेलीपैड पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग के जरिए सुखीढांक क्षेत्र के धूरा रामलीला मैदान में आयोजित 'सशक्त बहना उत्सव' में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राज्य की मातृशक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए सरकार की कटिबद्धता दोहराई।
खराब मौसम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कदम नहीं रोक सका। चंपावत दौरे के दौरान मौसम बिगड़ने के कारण मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर धूरा हेलीपैड पर नहीं उतर पाया। इसके बाद मुख्यमंत्री टनकपुर स्टेडियम हेलीपैड पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग के जरिए धूरा के रामलीला मैदान में आयोजित सशक्त बहना उत्सव में शामिल होने रवाना हुए। मौसम की चुनौती के बावजूद कार्यक्रम में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री अपने तय कार्यक्रम के तहत अपनी विधानसभा क्षेत्र के सुखीढांक क्षेत्र स्थित धूरा रामलीला मैदान में आयोजित सशक्त बहना उत्सव में प्रतिभाग करने पहुंचे थे। लेकिन मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर को धूरा हेलीपैड पर उतारना संभव नहीं हुआ। मौसम में कुछ सुधार के बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर टनकपुर स्टेडियम हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद वह सड़क मार्ग से धूरा के लिए रवाना हुए। सशक्त बहना उत्सव में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की बहनें लगातार आत्मनिर्भर और सशक्त हो रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं और अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि मेहनत का उचित मूल्य महिलाओं तक पहुंचे और उनकी आय में बढ़ोतरी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार का प्रयास है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ बाजार, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इससे महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी। चंपावत पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रपुर के जेपीएस स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में ऊधम सिंह नगर जिले के विभिन्न स्कूलों से करीब 800 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पलायन, तकनीक और स्टार्टअप सहित उत्तराखंड के विकास से जुड़े विषयों पर सीधे सुझाव लिए। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति सहज और आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला। कार से बाहर निकलते ही वह छोटे बच्चों के बीच पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से बातचीत की, हाथ मिलाया और चॉकलेट बांटी। इस दौरान कई बच्चों ने मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी। मुख्यमंत्री के इस सहज व्यवहार से बच्चों में खासा उत्साह नजर आया। युवा विद्यार्थी मंथन में विद्यार्थियों ने उत्तराखंड के विकास और अपने सपनों के राज्य को लेकर निबंध और विचार प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने इनमें से चयनित 15 विद्यार्थियों से उनके निबंधों और विचारों पर विस्तार से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित न रहें, बल्कि राज्य के भविष्य और नीति निर्माण को लेकर अपनी सोच भी सरकार के सामने रखें। इसी उद्देश्य से 10 अगस्त से ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान शुरू किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं से विकसित उत्तराखंड को लेकर सुझाव और विजन मांगे जा रहे हैं। विद्यार्थियों ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने, पर्यटन विकसित करने, स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण, पलायन रोकने और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल को लेकर सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की सोच और सुझावों को महत्व दे रही है। उनका विजन ही आने वाले समय के उत्तराखंड की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एक ही दिन में महिलाओं के सशक्तीकरण से लेकर युवाओं के भविष्य तक संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया कि सरकार की प्राथमिकताओं में आत्मनिर्भर मातृशक्ति और भविष्य के उत्तराखंड के युवा दोनों केंद्र में हैं।