उत्तराखंड के हरिद्वार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने एक और कड़ी कार्रवाई करते हुए खाकी को दागदार करने वाली एक महिला पुलिसकर्मी को धर दबोचा है। रानीपुर थाने में तैनात महिला एएसआई सोनिया को सतर्कता टीम ने शनिवार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
हरिद्वार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सतर्कता विभाग की टीम ने शनिवार को हरिद्वार के रानीपुर थाने में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सोनिया को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि दो पक्षों के बीच लेनदेन के विवाद में समझौता कराकर मामला निपटाने के एवज में शिकायतकर्ता से रकम मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने जांच की और आरोपों की पुष्टि होने पर जाल बिछाकर कार्रवाई की। सतर्कता विभाग के अनुसार, टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रानीपुर थाने में तैनात एएसआई सोनिया लेनदेन विवाद में उसके पक्ष में मामला निपटाने और समझौता कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग कर रही हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने उसकी जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता, सेक्टर देहरादून के निर्देश पर ट्रैप टीम गठित की गई। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया और आरोपी महिला एएसआई को पकड़ने की तैयारी शुरू हुई। शनिवार को सतर्कता विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए सोनिया को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।मामला दो पक्षों के बीच लेनदेन के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि विवाद का निपटारा कराने और शिकायतकर्ता के पक्ष में समझौता कराने के लिए रकम मांगी गई थी। पुलिस थाने में तैनात अधिकारी पर लगे इस आरोप ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा। गिरफ्तारी के बाद सतर्कता विभाग मामले में आगे की कार्रवाई कर रहा है। विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश है कि रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने पर जांच के बाद कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। आम नागरिकों से भी अपील है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो वे इसकी शिकायत सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर कर सकते हैं। अब मामले में आगे की जांच के दौरान रिश्वत मांगने से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।