Sep 07, 2026

गढ़वाली नथ से कुमाऊंनी गुलोबंद तक! उत्तराखंड के आभूषणों को मिलेगी वैश्विक पहचान, सीएम धामी का बड़ा संदेश

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देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक आभूषणों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने जोर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में सर्राफ मंडल देहरादून की ओर से आयोजित भव्य एग्जीबिशन का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न प्रकार के आभूषणों, पारंपरिक डिजाइनों और स्वर्णकारों की कला-कौशल को करीब से देखा। मुख्यमंत्री ने आयोजकों और स्वर्णकार समाज को आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उत्तराखंड के समृद्ध पारंपरिक शिल्प और हस्तकला को नए दौर की ज़रूरतों के साथ जोड़कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में सर्राफ मंडल देहरादून द्वारा आयोजित भव्य ज्वैलरी एग्जीबिशन का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्वर्णकारों की बेहतरीन कारीगरी, पारंपरिक गहनों की नक्काशी और आधुनिक डिजाइनों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषणों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजकों और स्वर्णकार समाज को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भव्य प्रदर्शनियां भारतीय कला, संस्कृति और स्थानीय हुनर को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम हैं। सीएम धामी ने कहा, "स्वर्णकार समाज केवल आभूषणों का निर्माण ही नहीं करता, बल्कि भारत की सदियों पुरानी गौरवशाली परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने का काम भी करता है। हमारे समाज में विवाह, तीज-त्योहार और शुभ अनुष्ठानों में आभूषण हमारी भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उत्तराखंड के ऐतिहासिक आभूषणों का जिक्र करते हुए कहा कि गढ़वाली नथ, पौंजी, चंपकली हार, कुमाऊंनी गुलोबंद, पिचौरा हार और पारम्परिक झुमके हमारी पहचान हैं। इन पारंपरिक डिजाइनों को आज की आधुनिक आवश्यकताओं और ट्रेंड के अनुसार री-डिजाइन कर 'लोकल टू ग्लोबल' के विज़न को साकार किया जा सकता है। इससे न केवल उत्तराखंड के स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे, बल्कि हमारी युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों व समृद्ध विरासत से मजबूती के साथ जुड़ी रहेगी। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 'वोकल फॉर लोकल', 'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी योजनाओं ने देश के शिल्पकारों और कारीगरों को नई ऊर्जा व वैश्विक बाजार उपलब्ध कराया है। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के तहत भारत को आभूषण निर्माण और डिजाइनिंग का ग्लोबल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक कौशल, हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों को आर्थिक सहायता व आधुनिक प्रशिक्षण (स्किल डेवलपमेंट) देने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने घोषणा की कि स्वर्णकार समाज के कौशल विकास और पारंपरिक आभूषणों के संरक्षण के लिए जल्द ही एक प्रभावी योजना तैयार की जाएगी। अंत में मुख्यमंत्री ने 'विकल्प रहित संकल्प' के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में स्वर्णकार समाज से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। इस अवसर पर सर्राफ मंडल देहरादून के प्रमुख पदाधिकारी, स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधि, प्रमुख आभूषण व्यवसायी और बड़ी संख्या में स्थानीय कारीगर मौजूद रहे।