देहरादून। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर उत्तराखंड में आजादी का जश्न देशभक्ति और उत्साह के बीच मनाया गया। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस बार मुख्यमंत्री का संबोधन खास तौर पर जेन-जी यानी नई युवा पीढ़ी के नाम रहा। शिक्षा, रोजगार, कौशल, उद्यमिता और खेल से लेकर सैनिक परिवारों तक मुख्यमंत्री ने घोषणाओं का पिटारा खोलते हुए उत्तराखंड के भविष्य की नई तस्वीर पेश की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति उत्तराखंड के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए सरकार काम करेगी। इसी दिशा में राज्य में पहली बार युवा आयोग स्थापित करने की घोषणा की गई। आयोग युवाओं की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचाने के साथ नीति निर्धारण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगा। मुख्यमंत्री ने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के लिए सरकार ने 7 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। 18 से 30 वर्ष तक के युवाओं के लिए भी सरकार ने नई पहल की घोषणा की है। बड़े संस्थानों के सहयोग से युवाओं का कौशल विकास किया जाएगा। इसके साथ ही अपना उद्यम शुरू करने वाले युवाओं को बैंक ऋण में 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की गई। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाना है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए उत्तराखंड में पहली बार स्पोर्ट्स प्लान तैयार किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना है। इन अकादमियों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे पहाड़ और मैदान दोनों क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मंच मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को भी विशेष प्राथमिकता देने की घोषणा की। सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले अग्निवीरों, सेवानिवृत्त सैनिकों और युवाओं को अतिरिक्त सहायता देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इन पार्कों से स्थानीय स्तर पर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी। स्वतंत्रता दिवस के मंच से मुख्यमंत्री ने सैनिकों और शहीद परिवारों के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सीमा पर बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं परमवीर चक्र विजेताओं के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई। बलिदान देने वाले शहीद के एक परिजन को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया गया। पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों को जमीन खरीद में राहत देते हुए 25 लाख रुपये तक की जमीन खरीद पर 25 प्रतिशत स्टांप शुल्क माफ करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल और कुमाऊं में एक-एक स्पिरिचुअल जोन विकसित करने की घोषणा की। इसके अलावा वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन के विनियमितीकरण की समय सीमा बढ़ाने और भूमिधर अधिकार देने की दिशा में भी निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने की घोषणा की गई।स्वतंत्रता दिवस समारोह में की गई इन घोषणाओं को मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के युवा, सैनिक परिवार, सीमांत क्षेत्र और आमजन के भविष्य से जोड़ते हुए विकास की नई दिशा बताया। जेन-जी को केंद्र में रखी गई घोषणाओं के जरिए सरकार ने शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के साथ युवा शक्ति को प्रदेश के विकास का प्रमुख आधार बनाने का संदेश दिया।