Feb 24, 2026

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में मुन्ना भाई स्कैम उजागर, सलेमपुर इंटर कॉलेज में 8 फर्जी परीक्षार्थियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा एक्शन

post-img

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षाओं के दौरान मंगलवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हरिद्वार जनपद के सलेमपुर महदूद स्थित राजकीय इंटर कॉलेज  परीक्षा केंद्र पर हिंदी विषय की परीक्षा के दौरान कुल 8 फर्जी परीक्षार्थी (मुन्ना भाई) पकड़े गए। ये सभी मुन्ना भाई वास्तविक छात्र-छात्राओं के प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) पर अपनी फोटो चस्पा कर परीक्षा दे रहे थे। मामले का खुलासा होते ही शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हाईस्कूल की हिंदी विषय की परीक्षा सुबह 10:30 बजे शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई थी। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों को कुछ परीक्षार्थियों की गतिविधियों और उनके प्रवेश पत्रों पर शक हुआ। जब केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों ने गहराई से जांच की, तो पाया गया कि एडमिट कार्ड पर मूल परीक्षार्थी की फोटो के ऊपर दूसरे व्यक्ति की फोटो बड़ी चतुराई से चिपकाई गई थी। सघन चेकिंग अभियान चलाया गया तो एक के बाद एक कुल 8 मुन्ना भाई धरे गए। पकड़े गए इन फर्जी परीक्षार्थियों में 4 छात्र और 4 छात्राएं शामिल हैं। पूछताछ में इन सभी ने स्वयं को सावित्री देवी मेमोरियल स्कूल का छात्र बताया है।

फर्जीवाड़ा पकड़ में आते ही केंद्र व्यवस्थापक ने तत्काल प्रभाव से इन सभी की उत्तर पुस्तिकाएं जब्त कर लीं। पकड़े गए मुन्ना भाइयों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया और उनकी प्रतियों को सील कर विभाग के गोपनीय अनुभाग को भेज दिया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि, "सलेमपुर केंद्र पर यह गंभीर अनियमितता पाई गई है। दूसरे के स्थान पर परीक्षा देना कानूनी अपराध है, और विभाग इन सभी के विरुद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक और वैधानिक कार्रवाई कर रहा है। पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थियों के एक ही निजी स्कूल (सावित्री देवी मेमोरियल स्कूल) से जुड़े होने के कारण अब स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है या स्कूल प्रबंधन ने ही परिणाम सुधारने के लिए इस साजिश को अंजाम दिया है। पुलिस पकड़े गए युवाओं से पूछताछ कर रही है कि वे किसके बदले और कितनी राशि के एवज में परीक्षा दे रहे थे। इस घटना के बाद जिले के अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र का मिलान उपस्थिति पंजिका और मूल रिकॉर्ड से बारीकी से करें। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नकल और फर्जीवाड़े के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। इधर, स्थानीय पुलिस मुन्ना भाइयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। इस घटना ने उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था और निजी स्कूलों के पंजीकरण सत्यापन पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।