Jul 14, 2026

 चढ़ावा विवाद पर गरमाई सियासत: प्रेस क्लब पहुंचे गणेश गोदियाल, हेमंत द्विवेदी को दी खुली बहस की चुनौती

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देहरादून। बदरीनाथ धाम के चढ़ावा प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की सियासत तेज हो गई है। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बीकेटीसी (बदरी-केदार मंदिर समिति) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्हें सार्वजनिक बहस की खुली चुनौती दी। तय समय के अनुसार मंगलवार दोपहर 12:30 बजे गोदियाल देहरादून प्रेस क्लब पहुंचे, लेकिन उनकी ओर से दावा किया गया कि हेमंत द्विवेदी बहस के लिए नहीं पहुंचे। प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि किसी भी मामले में आरोपी पक्ष की ओर से लगाए गए पुराने आरोप तथ्यों से परे और निराधार होते हैं। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पहले बीकेटीसी के देहरादून कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के रूप में तैनात किया गया था, लेकिन बाद में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उन्हें अपने निजी सचिव के रूप में बदरीनाथ मंदिर भेजा और मंदिर में चढ़ावे की गणना जैसे संवेदनशील कार्य की जिम्मेदारी भी सौंपी।

गोदियाल ने आरोप लगाया कि ऐसे में केवल पुराने नियुक्ति रिकॉर्ड का हवाला देकर वर्तमान जिम्मेदारियों से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया और बाद में उस पर अनियमितता के आरोप लगे, तो उस समय निर्णय लेने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीकेटीसी अध्यक्ष के उस आरोप का भी जवाब दिया, जिसमें कहा गया था कि संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति गोदियाल के कार्यकाल में हुई थी। इस पर उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी की नियुक्ति और उसके वर्षों बाद किए गए कथित कृत्य को एक-दूसरे से जोड़ना उचित नहीं है। नियुक्ति करने वाला व्यक्ति भविष्य में कर्मचारी द्वारा किए गए किसी भी कथित गलत कार्य के लिए स्वतः जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अपने तर्क को स्पष्ट करते हुए गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी समय-समय पर विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र वितरित करते हैं। यदि भविष्य में उन नियुक्त कर्मचारियों में से कोई भ्रष्टाचार या अनियमितता में लिप्त पाया जाता है, तो क्या उसकी जिम्मेदारी सीधे मुख्यमंत्री की मानी जाएगी? उन्होंने कहा कि यही तर्क बीकेटीसी अध्यक्ष के आरोपों पर भी लागू होता है। गोदियाल ने कहा कि वह तथ्यों के आधार पर सार्वजनिक बहस के लिए तैयार थे और इसी उद्देश्य से प्रेस क्लब पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि हेमंत द्विवेदी के बहस में शामिल नहीं होने से कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे चढ़ावा प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बदरीनाथ धाम जैसी आस्था के केंद्र की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके।