नई टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी में स्थित डोबरा-चांठी क्षेत्र से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां टिहरी झील में बने फ्लोटिंग हट्स अचानक जोखिमपूर्ण स्थिति में आ गए। शनिवार देर शाम फ्लोटिंग हट्स के एक्सल-ज्वाइंट खुल जाने के कारण यह हादसा हुआ, जिससे वहां मौजूद करीब 30 लोगों की जान खतरे में पड़ गई। हालांकि समय रहते एसडीआरएफ टीम की तत्परता से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के समय फ्लोटिंग हट्स में पर्यटक और अन्य लोग मौजूद थे। जैसे ही तकनीकी खामी की जानकारी मिली,एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया। इस दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने फ्लोटिंग हट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए फ्लोटिंग हट्स के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जाता और तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक इनका संचालन दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी टिहरी वरुणा अग्रवाल ने पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता करेंगे। समिति में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग केएस नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी नई टिहरी चंद्रमोहन सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सोबत सिंह राणा और एसडीआरएफ के प्रभारी निरीक्षक कविंद्र सजवाण को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सीडीओ ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वे घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण करें और फ्लोटिंग हट्स के एक्सल-ज्वाइंट फेल होने के कारणों की गहन जांच करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। समिति को चार दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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