देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट बदलने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का रुख बदलने से ठंड की दस्तक और तेज होगी। राज्य के नौ पहाड़ी जनपदों में 2 नवंबर तक हल्की बारिश और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पर्वतीय इलाकों में होने वाले इस मौसमी बदलाव से पहाड़ से लेकर मैदान तक पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि बुधवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी और नैनीताल जनपदों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी देखने को मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बूंदाबांदी का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर भी पड़ेगा। इससे अब सुबह और शाम के साथ-साथ दिन के समय भी लोगों को हल्की ठंड और ठिठुरन का अहसास होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि पर्वतीय जिलों को छोड़कर राज्य के शेष मैदानी जनपदों में मौसम आमतौर पर शुष्क और साफ बना रहेगा। मौसम विभाग ने स्थिति को सामान्य बताते हुए किसी प्रकार का कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की है। इससे पहले मंगलवार को पूरे प्रदेश में चटख धूप खिली रही, जिससे दिन का तापमान सामान्य के करीब दर्ज किया गया था, लेकिन अब पर्वतीय जिलों में छाने वाले बादलों से पारे में गिरावट तय मानी जा रही है।
Trending
उत्तराखंड में मानसून सत्र का हंगामेदार समापन: काले झंडे, नारेबाजी और अनिश्चितकालीन स्थगन
नए विधायकों का फोटो सेशन छूटा, स्पीकर बोलीं—सदन में ऐसा व्यवहार ठीक नहीं
उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: धूप खिली रहने के बाद अब बारिश के आसार
जियो शेयर लिस्टिंग गाइड: जानिए पहले दिन के कारोबार का पूरा हाल
उत्तराखंड विनियोग विधेयक 2026: वित्तीय व्यवस्थाओं को औपचारिक मंजूरी की तैयारी
अनुपूरक बजट के बाद सीएम धामी ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्ड, बोले-जनविश्वास पर खरा उतरते रहेंगे
उत्तराखंड के 18 लाख छात्रों को डिजिटल लर्निंग की सौगात: धामी सरकार ने आवंटित किए 200 करोड़ का बजट
जरूरत बताने के बावजूद हाईकोर्ट शिफ्टिंग के लिए वन भूमि मंजूर नहीं