Sep 29, 2026

उत्तराखंड में वोटर लिस्ट का काम अंतिम चरण में: 3 अक्टूबर को होगा अंतिम प्रकाशन, छूटे हुए नागरिक फॉर्म-6 से जुड़वा सकते हैं नाम

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उत्तराखंड में आगामी चुनावों की तैयारियों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के दिशा में निर्वाचन आयोग ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के निर्देशों के क्रम में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति साझा करना और मतदाता सूची के अद्यतनीकरण को लेकर राजनीतिक दलों से समन्वय स्थापित करना रहा।

उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण चरण सोमवार को पूरा हो रहा है। दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 28 सितंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसी सिलसिले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देश पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई, जिसमें SIR की प्रगति और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जा रही है। निर्वाचन विभाग का अगला प्रमुख चरण अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन है। सीईओ उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर एसआईआर-2026 के लिए ड्राफ्ट रोल, अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की सूची तथा अन्य संबंधित चुनावी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। एसआईआर के तहत मतदाता सूची के सत्यापन और सुधार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त दावों और आपत्तियों पर निर्वाचन अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई के बाद सूची का अंतिम स्वरूप सामने आएगा। निर्वाचन विभाग की ओर से राजनीतिक दलों को प्रक्रिया की जानकारी देने का उद्देश्य पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता और समन्वय बनाए रखना भी है। इससे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची से जुड़े बदलावों और पुनरीक्षण की प्रक्रिया की जानकारी मिल सकेगी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि यदि कोई पात्र नागरिक किसी कारणवश मतदाता सूची में अपना नाम शामिल नहीं करा पाया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। आवेदन ECI-Net के माध्यम से ऑनलाइन अथवा संबंधित बीएलओ के जरिए किया जा सकता है। सीईओ उत्तराखंड की वेबसाइट पर मतदाता सेवाओं के तहत नाम खोजने, ऑनलाइन आवेदन जमा करने और आवेदन की स्थिति ट्रैक करने की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। एसआईआर को लेकर निर्वाचन विभाग लगातार राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर रहा है। सीईओ कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 2026 में राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ हुई SIR बैठकों और संबंधित दस्तावेजों को सूचीबद्ध किया गया है। अब 28 सितंबर को दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद विभाग का फोकस अंतिम सूची तैयार करने पर रहेगा। 3 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची में यह स्पष्ट होगा कि पुनरीक्षण के बाद प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का अंतिम स्वरूप क्या है। निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाता सूची की शुद्धता महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में पात्र नागरिकों के लिए यह भी जरूरी है कि वे अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद अपना नाम जरूर जांच लें। यदि नाम सूची में शामिल नहीं है और व्यक्ति पात्रता की शर्तें पूरी करता है, तो निर्वाचन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया जा सकता है।