Oct 29, 2026
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देवभूमि की बेटी का राष्ट्रीय फलक पर कमाल: रुद्रप्रयाग की रोशनी कालूडा ने जूनियर नेशनल एथलेटिक्स में जीते दो पदक

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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की माटी ने एक बार फिर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा राष्ट्रीय स्तर पर मनवाया है। पर्वतीय जनपद रुद्रप्रयाग की होनहार एथलीट रोशनी कालूडा ने तमिलनाडु के चेन्नई में आयोजित 41वीं जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश भर में प्रदेश का मान बढ़ाया है। रोशनी ने इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो पदक (एक रजत और एक कांस्य) अपने नाम कर अपनी असाधारण खेल क्षमता का परिचय दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनके पैतृक जिले रुद्रप्रयाग बल्कि पूरे उत्तराखंड में जश्न और उत्साह का माहौल है।

पहाड़ की कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच प्रतिभा की नई मिसाल पेश करते हुए उत्तराखंड की बेटी रोशनी कालूड़ा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरी है। तमिलनाडु के चेन्नई में आयोजित 41वीं जूनियर राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में रोशनी ने दो पदक जीतकर रुद्रप्रयाग जिले के साथ पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया। उन्होंने अंडर-20 बालिका वर्ग की 5 हजार मीटर दौड़ में रजत पदक और 3 किलोमीटर स्टीपल चेज में कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों ने उनकी सफलता को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। देशभर से आए प्रतिभावान खिलाड़ियों के बीच रोशनी ने अपनी मेहनत, धैर्य और निरंतर अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया। लंबी दूरी की दौड़ में सहनशक्ति, गति और रणनीति की अहम भूमिका होती है, जबकि स्टीपल चेज में बाधाओं को पार करते हुए निर्धारित दूरी पूरी करनी पड़ती है। इन दोनों स्पर्धाओं में पदक जीतना रोशनी की खेल क्षमता और तैयारी को दर्शाता है। रोशनी कालूड़ा पूर्व में खेल विभाग के एथलेटिक्स बालिका छात्रावास, अगस्त्यमुनि में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं। छात्रावास में मिले प्रशिक्षण और अभ्यास के अनुभव ने उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। पर्वतीय क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर दो पदक हासिल करना उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का प्रमाण है। रोशनी की उपलब्धि ने अगस्त्यमुनि स्थित एथलेटिक्स बालिका छात्रावास की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है। खेल प्रशिक्षण केंद्रों में उपलब्ध सुविधाएं, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और खिलाड़ियों का नियमित अभ्यास प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रोशनी की सफलता से उम्मीद जगी है कि रुद्रप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों के अन्य युवा खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे। जिला क्रीड़ा अधिकारी मनोज सिंह चौहान ने रोशनी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। खेल विभाग अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग और उत्तराखंड खेल फेडरेशन की ओर से भी उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की गई तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि रोशनी की सफलता विशेष रूप से उन बालिकाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि स्पष्ट लक्ष्य, नियमित अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति से बड़ी प्रतियोगिताओं में भी सफलता हासिल की जा सकती है।रुद्रप्रयाग जैसे पर्वतीय जिले से निकलकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो पदक जीतना उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं की संभावनाओं को रेखांकित करता है। हालांकि, ऐसी उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल उपकरण, पौष्टिक आहार और नियमित प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है। रोशनी कालूड़ा की यह सफलता केवल दो पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्वतीय क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें उचित मंच देने की जरूरत भी सामने लाती है। अब खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि रोशनी आने वाली प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर अपने जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।