हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हल्द्वानी में उत्साहपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुई, जिसमें आगामी चुनावी दिशा-निर्देशों और राज्य के भावी रोडमैप को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। बैठक में दो प्रमुख राजनीतिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए, जबकि केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने "विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत" के दूरदर्शी संकल्प का प्रस्ताव सदन के समक्ष रखा।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच हल्द्वानी में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी ने आगामी राजनीतिक रणनीति का खाका साफ कर दिया। बैठक में दो महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही ‘विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर भी चर्चा हुई। केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने इस प्रस्ताव को बैठक में रखा। भाजपा ने वंदेमातरम को लेकर कांग्रेस के रुख की कड़ी निंदा करते हुए इसे राष्ट्रभावना से जुड़ा मुद्दा बताया। कार्यसमिति के पहले राजनीतिक प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक के 25 वर्ष के राजनीतिक कार्यकाल और इस दौरान किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। भाजपा नेताओं ने उनके नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, नीतिगत फैसलों और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उनके प्रति आभार जताया। पार्टी ने इसे देश को नई दिशा देने वाला नेतृत्व बताते हुए आगे भी इसी विकास मॉडल को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बैठक में पारित दूसरे राजनीतिक प्रस्ताव में हल्द्वानी के शुद्धिकरण मामले को लेकर कांग्रेस के रुख की आलोचना की गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। कार्यसमिति में इस मामले को लेकर पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए और चुनाव में इसे प्रमुख मुद्दा बनाने के संकेत दिए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि आगामी चुनावी अभियान में भाजपा विकास, विरासत और संरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। पार्टी का जोर उत्तराखंड के विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर रहेगा। भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे समाज और देश के हितों के खिलाफ काम करने वाली पार्टी के रूप में जनता के सामने बेनकाब करने का आह्वान किया। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की अपील की। हल्द्वानी की कार्यसमिति की बैठक में पारित प्रस्तावों से साफ संकेत मिला कि भाजपा आगामी चुनाव को केवल विकास के मुद्दे तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मुद्दों को भी चुनावी विमर्श के केंद्र में रखेगी। ऐसे में कार्यसमिति की बैठक को उत्तराखंड में भाजपा के चुनावी अभियान के औपचारिक आगाज के तौर पर देखा जा रहा है।