हल्द्वानी- राज्य सरकार द्वारा जारी कोविड गाइडलाइन की एसओपी का गंभीरता से कराया जाए पालन- मंडलायुक्त दीपक रावत

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हल्द्वानी – कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमाऊॅ निलेश आंनद भरणे द्वारा संयुक्त रूप से शनिवार को कैम्प कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से मण्डल के सभी जिलाधिकारियों एंव वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
मण्डलायुक्त रावत ने सभी जिलाधिकारियों को राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस कोविड-19 के लिए जारी एसओपी का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु हाट बाजारो, सार्वजनिक स्थलों एंव बस, रेलवे स्टेशनों के अलावा अन्य स्थलों, जहां पर भीड जमावड़ा रहता है, ऐसे स्थानों पर लोगो को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग अभियान चलाने हेतु विभिन्न प्रचार माध्यम से दीवार लेखन, पेटिंग, एंव सोशल मीडिया की माध्यम से लोगो को जनजागरूक किये जाने हेतु कार्यक्रम चलाये जाने के निर्देश दिये।

उन्होने प्रत्येक जनपद में पुलिस एंव कोरोना कन्ट्रोल रूम स्थापित करते हुए उनके दूरभाष नम्बर को फ्लैश कराये जाने को कहा। उन्होने कहा कि कोरोना नियन्त्रण हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग, टीकाकरण के कार्य में तेजी लाने के प्रयास किये जाये। उन्होने सभी जिलाधिकारियों को बार्डर चैक पोस्ट, पर्यटक स्थलों तथा विदेश व राज्य के बाहर से आने वाले लोगो की शतप्रतिशत सैम्पलिंग कराये जाने के निर्देश भी दिये। उन्होने जन जागरूकता के साथ ही बिना मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न कराने वालों पर चालानी कार्य चलाये जाने के भी निर्देश दिये।
वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को उपमाहानिरीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि बाजारों भीड़-भाड वाले स्थानों बस एंव रेलवे स्टेशनों पर अधिक सर्तकता बरतने हुऐ मास्क एंव सोशल डिस्टिेसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराये तथा एसओपी का उल्लघंन करने वालो पर चालान की कार्यवाही करें।

उन्होने पुलिस अधिकारियों को कहा कि व्यापार मण्डल, स्ंवय सेवी संगठनों तथा अन्य संस्थाओं के साथ समन्वय कर लोगो को कोरोना संक्रमण से निजात दिलाने हेतु लाउडस्पीकर व अन्य प्रचार-प्रसार संसाधनों के माध्यमों का उपयोग करने को कहा साथ ही विदेशी पर्यटक जो मण्डल के कसार देवी, नैनीताल, भीमताल, मोहान विनसर समेत अन्य पर्यटक स्थानों पर आ रहें है ऐसे लोगो की जानकारी रखें तथा उनका डाटा ग्रुप में भेजे जाने हेतु जिम्मेदार अफसर की तैनाती भी करें।
इस दौरान सभी जिलो के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी, तथा अन्य सम्बन्धित विभागाधिकारी वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।


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